
☆श्री खाटूश्याम वंदना☆
🌹 जय श्री श्याम जी 🌹 हाथ जोड़कर विनति करूसुनियो चित्त लगाये,दास आ गयो शरण मेराखियो इसकी लाज। धन्य ढूंढारो

🌹 जय श्री श्याम जी 🌹 हाथ जोड़कर विनति करूसुनियो चित्त लगाये,दास आ गयो शरण मेराखियो इसकी लाज। धन्य ढूंढारो

श्रील प्रभु जब आप जप करते हैं तो आपका मन पूरे ब्रह्मांड में भटक रहा होता है।फिर भी जप करो!

💝🚩॥ ….👉……….🚩💝 एक बार अवश्य पढ़िए ॐ का जप करते समय 108 प्रकार की विशेष भेदक ध्वनि तरंगे उत्पन्न होती

अगर रोग में औषधि और पथ्य के साथ साथ इन मंत्रों का उपयोग करने से जल्दी लाभ होता है। 1-

सीता गायत्रीमंत्र से बढ़ती है तप की शक्ति- ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे भूमिजायै धीमहि। तन्नो सीता प्रचोदयात्।। ब्रह्ममहेन्द्रसुरेन्द्रमरुद्गण रुद्रमुनीन्द्रगणैरतिरम्यं,क्षीरसरित्पतितीरमुपेत्य नुतं हि

साक्षात ब्रह्म जमाता के रूप में….दूल्हे के स्वरूप में भगवान का आदर सत्कार। कितना विहंगम दृश्य है,प्रभु के साक्षात चरण

जिस रुप में कृष्ण को भजो उसी रुप में ठाकुर दर्शन देते हैं। प्रभु की हर लीला भक्तों के लिए

मैं हूँ मेरी तन्हाई हैं और ख्यालों मे तुम हो,मुस्कुराती तुम्हारी बातें और होंठों की हंसी तुम हो नींद मे

।। ॐ नमः आद्यायै। शृणु वत्स प्रवक्ष्यामि आद्या स्तोत्रं महाफलम्।यः पठेत् सततं भक्त्या स एव विष्णुवल्लभः।।१।। मृत्युर्व्याधिभयं तस्य नास्ति किञ्चित्

अस्य श्रीमातङ्गी शतनाम स्तोत्रस्य भगवान्मतङ्ग ऋषिः अनुष्टुप् छन्दः मातङ्गी देवता मातङ्गीप्रीतये जपे विनियोगः। महामत्तमातङ्गिनी सिद्धिरूपातथा योगिनी भद्रकाली रमा च।भवानी भवप्रीतिदा