
श्री कृष्ण मन्त्र
१–“कृं कृष्णाय नमः” २–“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” ३–“गोवल्लभाय स्वाहा” ४– “गोकुल नाथाय नमः” ५– “क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः”

१–“कृं कृष्णाय नमः” २–“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” ३–“गोवल्लभाय स्वाहा” ४– “गोकुल नाथाय नमः” ५– “क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः”

*एक साधु भिक्षा लेने एक घर में गये । उस घर में माई भोजन बना रही थी और पास में

एक व्यक्ति गाड़ी से उतरा… और बड़ी तेज़ी से एयरपोर्ट में घुसा, जहाज़ उड़ने के लिए तैयार था, उसे किसी

मोत के भय ने पहुंचाया , काल के कगार ,मिला अमरत्व फिर भी , पहुंचे मृत्यु के द्वार !रखते जो

6 साल पहले, मेरा सबसे बड़ा बेटा घर से गायब हो गया, वह हमेशा की तरह काम पर निकला लेकिन

हनुमानञ्जनासूनुर्वायुपुत्रो महाबल: ।रामेष्ट: फलगुनसख: पिङ्गाक्षोऽमितविक्रम: ॥ उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशन:।लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा ॥ एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन: ।स्वापकाले प्रबोधे च

,, तू वही है जिसे सदियों से ढूँढ़ते हैं हम ,,!! तू वही है जिसे याद कर जीते हैं हम

इस शरीर को पालते हुए भी अ प्राणी तु भगवान का बन जब तु चलता है तब अन्तर्मन मे धारण

परमात्मा का क्षण भर का साक्षात्कार दिल में हलचल मचा देता है। आन्नद की सीमा बढ जाती है। भगवान् की

परमात्मा को साथ रखते हुए यदि हम किसी से प्रेम करते हैं तो प्रेमी में परमात्मा की खोज करते हैं।