
जीवन का आनंद
एक बार एक सम्राट एक साधु से बहुत प्रभावित हो गए। सम्राट रोज रात को अपने घोड़े पर सवार होकर

एक बार एक सम्राट एक साधु से बहुत प्रभावित हो गए। सम्राट रोज रात को अपने घोड़े पर सवार होकर

श्री समर्थ रामदास स्वामी एक दिन अपने शिष्यों के साथ यात्रा पर निकले थे।.दोपहर के समय एक बड़े कुएँ के

गरीबी से जूझती सरला दिन-ब-दिन परेशान रहने लगी थी।भगवान के प्रति उसे असीम श्रद्धा थी और नित नेम करके ही

भारत ही नहीं, तो विश्व भर में हिन्दू धर्मग्रन्थों को शुद्ध पाठ एवं छपाई में बहुत कम मूल्य पर पहुँचाने

श्री गणेशाय नमः। ॐ नमो विश्वरूपाय विश्वस्थित्यन्तहेतवे।विश्वेश्वराय विश्वाय गोविन्दाय नमो नमः।।१।। नमो विज्ञानरूपाय परमानन्दरूपिणे।कृष्णाय गोपीनाथाय गोविन्दाय नमो नमः।।२।। नमः कमलनेत्राय

हे दीनदयाल, हे नाथ यह आंखें यह दिल यह आत्मा तुम्हें खोज रही है तुम मुझे छोड़कर कहां चले गए

आरती करिये सियावर की, अवधपति रघुवर सुंदर की, जगत में लीला विस्तारी कमल दल लोचन हितकारी , मुख पर अलके

“भक्तो का संसार हैभक्ति मे ही शक्ति है शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्,प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये। भगवान विष्णु आकाश में विराजमान हैं

त्रिभंग ललित छवि के सबसे लाडले और स्वरूप में सबसे छोटे ठाकुर श्री राधा रमण लाल जी महाराज इनके प्रकट

.एक राजा था। एक बार वह सैर करने के लिए अपने शहर से बाहर गया।लौटते समय देर हो गई तो