
निश्चित उद्देश्य
निश्चित उद्देश्य एक लड़केने एक बहुत धनी व्यक्तिको देखकर धनवान् बननेका निश्चय किया। कई दिनतक वह कमाईमें लगा रहा और

निश्चित उद्देश्य एक लड़केने एक बहुत धनी व्यक्तिको देखकर धनवान् बननेका निश्चय किया। कई दिनतक वह कमाईमें लगा रहा और

मनुष्यके जीवनका प्रत्येक क्षण अमूल्य है। समय ऐसा धन है, जो चले जानेपर वापस नहीं आया करता। विवेकी पुरुष समय-बद्धताकी

‘माँ, मुझे उतना ही मीठा दूध पिलाओ।’ उपमन्यु घर आकर माँकी गोदमें बैठ गया। उसने अभी थोड़ी देर पहले अपने

किसीने महात्मा गांधीजीसे पूछा कि ‘रामचन्द्रने सीताका अग्निमें प्रवेश कराया और उसका त्याग किया। युधिष्ठिरने जुआ खेला और द्रौपदीकी रक्षा

‘सहनशीलता किसे कहते हैं?’ किसीने हुसेन मंसूरसे प्रश्न किया। उन्होंने उत्तर दिया- ‘हाथ-पैर काटकर शरीरको शूलीपर लटका दिया जाय, फिर

भगवान्पर निर्भरता श्रीगंगाजीके पार जानेके लिये नावमें कुछ स्त्री बैठे हुए • थे। जब नाव गंगाजीके बीचमें पहुँची तो पुरुष

हैहय क्षत्रियोंके वंशमें एक परपुरञ्जय नामक राजकुमार हो गये हैं। एक बार वे वनमें आखेटके लिये गये। वृक्षोंकी आइसे उन्होंने

मेघनाद से युद्ध करते हुए जब लक्ष्मण जी को शक्ति लग जाती है और श्री हनुमानजी उनके लिये संजीवनी का

किसी वनमें खरनखर नामक एक सिंह रहता था। एक दिन उसे बड़ी भूख लगी। वह शिकारकी खोज में दिनभर इधर-उधर

विपन्न विधवाकी मदद श्री ईश्वरचन्द्र विद्यासागर वस्तुतः विद्याके सागर थे। उनके जीवनकी एक अनुकरणीय घटना है। उन्हें पता चला कि