
विश्वास हो तो भगवान् सदा समीप हैं
दुर्योधनके कपट- द्यूतमें सर्वस्व हारकर पाण्डव द्रौपदीके साथ काम्यकवनमें निवास कर रहे थे। परंतु दुर्योधनके चित्तको शान्ति नहीं थी। पाण्डवोंको

दुर्योधनके कपट- द्यूतमें सर्वस्व हारकर पाण्डव द्रौपदीके साथ काम्यकवनमें निवास कर रहे थे। परंतु दुर्योधनके चित्तको शान्ति नहीं थी। पाण्डवोंको

मंदिरकी सम्पत्तिसे बना प्रसाद कैसे ग्रहण करूँ ? महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्यजी अपने इष्टदेव श्रीनाथजीके विग्रहको प्रतिदिन खाद्य व्यंजनोंका भोग लगानेके बाद

सच्चे सन्त बादशाह दाराशिकोहके यहाँ एक सज्जन व्यक्ति मुंशी बनवारीदास लिखा-पढ़ीका काम करते थे। एक बार उनपर आर्थिक संकट आ

मैं ही क्यों ? अमेरिकाके महान् टेनिस खिलाड़ी आर्थर ऐशको 1983 ई0 में हृदयकी सर्जरीके दौरान गलतीसे एड्स विषाणुसे संक्रमित

एक संतके पास तीन मनुष्य शिष्य बननेके लिये गये। संतने उनसे पूछा- ‘बताओ, आँख और कान में कितना अन्तर है?’

चूड़ीवाले बाबा नाम तो था उनका जमील खाँ, पर सब कहते थे उन्हें ‘चूड़ीवाले बाबा’। वे रहते थे शहरमें, पर

सबसे अच्छेकी तलाश एक युवकने एक सन्तसे कहा-‘महाराज! मैं जीवनमें सर्वोच्च शिखर पाना चाहता हूँ, लेकिन इसके लिये मैं निम्न

मद्रदेशके राजा अश्वपतिने अपनी परम सुन्दरी कन्या सावित्रीको स्वतन्त्र कर दिया था कि वह अपने योग्य पति चुन ले तो

माँ क्या चाहती है! एक दम्पती दीवालीकी खरीदारी करनेको हड़बड़ी में थे। पतिने पत्नीसे जल्दी करनेको कहा और कमरेसे बाहर

भक्त हरिदास हरिनामके मतवाले थे। ये जन्मसे मुसलमान थे, पर इनको भगवान्का नाम लिये बिना चैन नहीं पड़ता था। फुलिया