
मनुष्य जीवन में धुप छावं का खेल
धूप-छाँव का खेल मनुष्य के जीवन में अनवरत चलता रहता है। कभी वह छाया का आनन्द लेता है, तो कभी

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बुरी परिस्थितिया हमें इतनी विचलित कर देती हैं कि हम उस परमात्मा के अस्तित्व पर भी प्रश्न उठाने लगते हैं

पढ़ें गुरु ग्रह के उत्पत्ति की कहानी- पुराणों के अनुसार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र अंगिराऋषि का विवाह स्मृति से

भगवान को प्राप्त करने के सभी साधनों में ‘शरणागति’ सबसे सरल साधन है। साधारण भाषा में शरणागति का अर्थ मन,

आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी- इन पाँच महाभूतों को ही पंचतत्त्व कहते हैं, इन्हीं पंचतत्वों के गुण रूप इस

सांवरा_सलोना भगवान को पुत्र मे पाने के लिए कैसी योग्यता होनी चाहिए—इस संबन्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने संसार की स्त्रियों

हरे कृष्णा । हरे रामा ।। संसार में आप जिस भी चीज से दिल लगाओगे वहीँ से आपको दुःख उठाना

एक बार एक नौजवान लड़का महान दार्शनिक सुकरात के पास आया और उनसे पूछा, “सफलता का रहस्य क्या है?” सुकरात

एक सुपंथ नाम का धर्मात्मा राजा था, एक बार अयोध्या में संत सम्मेलन होने जा रहा था तो संत सम्मेलन

कुलपति स्कंधदेव के गुरुकुल में प्रवेशोत्सव समाप्त हो चुका था। कक्षाएँ नियमित रूप से चलने लगी थीं। उनके योग और