
देशके लिये बलिदान
रूस और जापानका युद्ध चल रहा था। पिछले महासमरकी बात नहीं कही जा रही है। रूस था जारका सम्राज्यवादी रूस

रूस और जापानका युद्ध चल रहा था। पिछले महासमरकी बात नहीं कही जा रही है। रूस था जारका सम्राज्यवादी रूस

श्री अवध में सरयूके किनारे एक महात्मा थे। वे एक ऊँचे मचानपर रहते थे। वे किसीसे बोलते नहीं थे। जब

एक बड़ा सुन्दर मकान है। उसके नीचे अनाजकी दूकान है। दूकानके सामने अनाजकी ढेरी लगी है। एक बकरा आया। उसने

काशी में वेदान्तके प्रकाण्ड पण्डित, सगुण उपासनाके विरोधी स्वामी प्रकाशानन्द सरस्वती रहते थे श्रीचैतन्यदेव जब पुरीमें प्रेमभक्तिका प्रवाह बहा रहे

कहा जाता है कि भगवान् विश्वनाथकी पुरी काशीकी बात है। गङ्गास्नान करके एक संन्यासी घाटसे ऊपर जा रहे थे। भीड़

एक वैष्णव वृन्दावन जा रहा था। रास्तेमें एक जगह संध्या हो गयी। उसने गाँवमें ठहरना चाहा, पर वह सिवा वैष्णवके

श्रीगोपालकृष्ण गोखले जब बालक थे और पाठशाला में पढ़ते थे, उस समय एक दिन उनके अध्यापकने कुछ अङ्कगणितके प्रश्न विद्यार्थियोंको

संत जाफर सादिकका नाम प्रसिद्ध है। एक बार एक आदमीके रुपयोंकी थैली चोरी चली गयी। भ्रमवश उसने इन्हें पकड़ लिया।

सादगी सबसे बड़ा गहना सादगीको संसारमें मनुष्यका सुन्दरतम गहना माना गया है। इंग्लैण्डके प्रधानमन्त्री ग्लैडस्टोन बहुत सादा जीवन व्यतीत करते

इब्राहिमसे एक दिन किसीने पूछा- ‘आप तो राजा थे। जगत्के समस्त वैभव आपके चरणों में सिर झुकाते थे। फिर आपने