
जीवन का वास्तविक उद्देश्य
राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनातें हुए जब शुकदेव जी महाराज को छह दिन बीत गए और तक्षक ( सर्प

राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनातें हुए जब शुकदेव जी महाराज को छह दिन बीत गए और तक्षक ( सर्प

🙏ॐ🙏 गोपियों की बात सुनकर उद्धव की आँखों से आज आंसू आ गए हैं। उद्धव अब जान गए हैं की

ये पत्थर 6 करोड़ साल पुराने है…..हो सकता है ये पत्थर 6 करोड़ साल से अभिशप्त हो और मुक्ति के

यह कथा ‘भक्तमाल’ ग्रन्थ से ली गई है, अत: इसके पात्र और स्थान सत्य घटना पर आधारित हैं ।बूंदी नगर

विश्वके भक्तोंमें भक्तप्रवर श्रीप्रह्लाद और ध्रुवकी भक्ति, प्रेम, सहिष्णुता अत्यन्त ही अलौकिक थी। दोनों प्रातःस्मरणीय भक्त श्रीभगवान्के विलक्षण प्रेमी थे।

मैंने अपने शहर को इतना विह्वल कभी नहीं देखा! तीन से चार लाख लोग सड़क किनारे हाथ जोड़े खड़े हैं।अयोध्या

.स्वाति नक्षत्र था। वारिद जलबिंदु तेजी से चला आ रहा था।.वृक्ष की हरित नवल कोंपल ने रोककर पूछा.. ‘‘प्रिय !

स्वामी विवेकानंद एक बार एक रेलवे स्टेशन पर बैठे थे उनका अयाचक (ऐसा व्रत जिसमें किसी से मांग कर भोजन

रैवत नाम के राजा की पुत्री का नाम है रेवती और रेवती का विवाह बलरामजी से हो गया, कृष्ण बोले-

न जाने कौन से गुण पर कृपा निधि रीझ जाते है द्वापर में चक्रिक नामक एक भील वन में रहता