श्री राधे🌹🙏
जितना अधिक जीवन में संयम होगा उतना अधिक यह मन निर्मल होगा अचल होगा। यह मन चलायमान तभी होता है जब साधक का जीवन असंयमित होता है। संयम के लिए ही सम यम नियम प्रत्याहार , ध्यान धारणा आदि नियम और साथ ही साथ गुरुमंत्र का सतत जप सुमिरन होता रहे फिर तो कहने ही क्या। ये सब साधक की दिनचर्या में विशेष अनुशासन के साथ होने चाहिए इन्ही से इन विषय विकारों से भरे अपने ही बनाये संसार से साधक जीत सकता है। अन्य कोई उपाय नही इसे जीतने का।
श्री हरिवंश👣🙏













