प्रभु मुझ से पूछो मैं क्या चाहता हूँ

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प्रभु मुझ से पूछो मैं क्या चाहता हूँ, मैं तुझ से तुझे माँगना चाहता हूँ । मुझे खाना पीना पहनना दिया है । बहुत घुमने को जमाना दिया है ॥ बहलने को हर इक बहाना दिया है । मैं अब तुझ से ही बहलना चाहता हूँ ॥ हर एक रूह में तेरा चमत्कार देखा। बनाया हुआ तेरा संसार देखा ॥ कई जनम लेकर मैं हर बार देखा । मैं अब तुझ को ही देखना चाहता हूँ ॥ मै अब तुझसे ही खेलना चाहता हूं। प्रभु मुझसे पुछो मै क्या चाहता हूं। मैं तुम्हारे दिल में बैठना चाहता हूं। प्रभु मुझसे…. मैं तुम्हें  दिल में बिठाकर अपने आप को भुल जाना चाहता हूं। हर घङी हर पल तुम्हें निहारना चाहता हूं। हर साँस तुझे मैअर्पण करना चाहता हूं। प्रभु मेरे मै को मीटाना चाहता हूं। मैं तुमतुझे गणिका का कौन सा भाव भाया । था सदने की किस बात पर रहम आया ॥ अजामिल के तू किस इशारे पे आया । मैं यह राज़ अब जानना चाहता हूँ ॥ गुनाहिओ को होता है दीदार तेरा । फिर तो यकीनन ही नंबर है मेरा ॥ बुराईयो का है मेरे दिल में बसेरा । मैं हर जुलम की अब सजा चाहता हूँ ॥



Lord ask me what I want, I want to ask you from you. I have been given food and drink. Have given time to roam a lot. Every excuse has been given to flinch. I want to drift away from you now I saw your miracle in every soul. Saw your world made I saw it every time after taking many lives. I want to see you now I want to play with you now. Lord, ask me what I want. I want to sit in your heart Lord from me… I want to forget myself by keeping you in my heart. I want to look at you every moment. I want to surrender every breath to you. Lord I want to kill me. I do not like you the sense of the courtesan. What was the matter of the House? At what behest did you come to Ajamil? I want to know this secret now The sins are seen by you. Then it is definitely my number. Evil has a dwelling in my heart. I want punishment for every oppression now.

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