
शुद्ध ही बुद्ध है -बौद्ध दर्शन पर
सर्वे भवंतु सुखिनः जो गुरू उपदेश के अनुरूप हो ग्रहण करें। भगवान बुद्ध का संदेश है कि उस दिव्य सुख

सर्वे भवंतु सुखिनः जो गुरू उपदेश के अनुरूप हो ग्रहण करें। भगवान बुद्ध का संदेश है कि उस दिव्य सुख

हृदय से ढुढने पर ही परमात्मा मिलेगे। सन्त महात्मा हमे मार्ग दिखा देंगे पर लग्न का दिपक हमे अपने आप

राधा माधव ही पटवारी है। मन मन्दिर में राधाकृष्ण बैठे हैं। राधा कृष्ण की ज्योति आत्मा में विराजमान है। भगवान

आज बुद्ध पूर्णिमा पर्व है। संसार में महात्मा बुद्ध को सत्य की खोज के लिये जाना जाता है। राजसी ठाठ-बाट

हम भगवान को दुखो को मिटाने के लिए न ध्या कर भगवान के दर्शन के लिए भगवान से एकाकार होने

आत्मा की आवाज सुनना और उसका अनुसरण करना ही अध्यात्म है । जीवन में भक्ति एवं दिव्य कर्मों के विषय

भगवान् के भजन कीर्तन में अपार सम्पति समाई हुई है। भगवान् का चिन्तन करते रहे एक दिन भगवान अन्तर्मन में

गृहस्थाश्रम भगवत्प्राप्ति का सही मार्ग हैं। गृहस्थ धर्म में मै को त्याग कर अपने परिवार के प्रति त्याग भाव से

परम पिता परमात्मा को हम साथ रखते हैं तभी हमारा भीतरी प्रदुषण खत्म हो सकता है।परमात्मा में सद्गुरु जी मे

आज mobile में भगवान के अनेको रूप दिखाए जा रहे हैं। और हर मन्दिर के रूप की फोटो आने लग