
भगवान श्रीराम, माँ कौसल्या से कहते हैं कि अब इस निर्गुण भक्ति का साधन बतलाता हूँ-
।। श्री राम परमात्मने नमः ।। अपने धर्म का अत्यंत निष्काम भाव से आचरण करने से, अत्युत्तम हिंसाहीन कर्मयोग से

।। श्री राम परमात्मने नमः ।। अपने धर्म का अत्यंत निष्काम भाव से आचरण करने से, अत्युत्तम हिंसाहीन कर्मयोग से

सुबह सुबह उस गोपी के यहाँ नन्दनन्दन पहुँच गए।कई दिनों से इसकी इच्छा थी।इसनें मनोरथ किया था कि मेरे घर

जय श्री राम कामिहि नारि पिआरि जिमि लोभिहि प्रिय जिमि दाम।तिमि रघुनाथ निरंतर प्रिय लागहु मोहि राम॥ जैसे कामी को

_जैसे एक माला में जितने अधिक रंग के पुष्प होंगे, माला उतनी ही खूबसूरत होगी, लेकिन सभी फूलों को एक

.!! मेरे भगवान राम 🙏🏻जय श्री राम 🙏🏻 जगत विविध रंगों से अटा पड़ा है पर श्वेत रंग है अपने

राम अराध्य और अराधना है ,राम भक्ति है राम शान्ति हैं, राम तप हैं, राम तृप्ति हैं, राम त्याग है,

पवन तनय संकट हरण मंगल मुर्ति रूप राम लक्ष्मण सीता सहीत हृदय बसों सुर भुप हनुमान जयंती की शुभकामनाएं Happy

मन में पर राम, मौन में राम, नैनो में राम, दिल की धड़कन में राम, सांस सांस में राम की

भगवान कृष्ण की नगरी में वृन्दावन में भी देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक कात्यायनी पीठ स्थित है। इस

आया जन्म दिवस राम भक्त हनुमान का, अंजनीके लाल का, पवन पुत्र हनुमान का , बोलो सब मिलकर जयकार हनुमान