
*प्रेमी भक्त उद्धव*
‘हे उद्धव! शंकर, ब्रम्हा, बलराम, लक्ष्मी और स्वंय अपना आत्मा भी मुझे उतना प्रिय नहीं है,जितने प्रियतम तुम हो!’ भगवान्

‘हे उद्धव! शंकर, ब्रम्हा, बलराम, लक्ष्मी और स्वंय अपना आत्मा भी मुझे उतना प्रिय नहीं है,जितने प्रियतम तुम हो!’ भगवान्

एक बार श्रीकृष्ण और राधा जी निधिवन में रात्रि में सभी गोपियों के साथ हास परिहास कर रहे थे। राधा

ब्रज में बसंत पंचमी से फाल्गुन पूर्णिमा तक 40 दिवसीय होली मनाई जाती है, इसलिये कहा भी गया है सारे

महादेव शिव और देवी पार्वती का एक दूसरे के प्रति अतयन्त दृढ़ प्रेम है जो किसी भी तरह

त्रेतायुग में बना था सिद्धनाथ मंदिर**कानपुर के जाजमऊ में शिवजी का प्रसिद्धमंदिर सिद्धनाथ गंगा के तट पर स्थित है! 5

सुप्रभात गोपाल सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे!तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: ! हे सत् चित्त आनंद! हे संसार की उत्पत्ति के

आध्यात्मिक विचारकृष्ण! कृष्ण! कृष्ण! ✨ उनकी श्रेष्ठता, कृतज्ञता शब्दों में व्यक्त करना हम जैसे सामान्य व्यक्तियों के लिए असंभव सी

🔸गुरु की कृपा ही शिष्य का परम मंगल कर सकती है, दूसरा कोई भी नहीं कर सकता है यह प्रमाण

यशोदाजी शिवजी के पास आई है औए कहने लगी -महाराज -अगर भिक्षा कम लगती हो मै आपको कम्बल और कमंडल

आधुनिक जापान के ज़ेन शिक्षक एक प्रसिद्ध गुरु के वंश से आते हैं जो गुडो का शिष्य था। उसका नाम