
।। माँ महालक्ष्मी के १२ नाम ।।
देवी महालक्ष्मी भगवान नारायण की शक्ति व संसार की समस्त सम्पत्तियों की स्वामिनी हैं। महालक्ष्मी के दो रूप हैं- #श्रीरूप

देवी महालक्ष्मी भगवान नारायण की शक्ति व संसार की समस्त सम्पत्तियों की स्वामिनी हैं। महालक्ष्मी के दो रूप हैं- #श्रीरूप

अनुज समेत गहेहु प्रभु चरनादीन बन्धु प्रणता रति हरना ।(रामचरितमानस) भरत भैया ! मैं महाराज सुग्रीव जामवन्त युवराज अंगद के

एक सम्वाददाता, मैं और श्रीहनुमान जी नाम पहारू दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट…(रामचरितमानस) साधकों ! कल चुनाव था… इतनी जिम्मेवारी

देखि विचार त्यागी मद मोहा…(रामचरितमानस) अवध से आने के बाद मैं कुञ्ज में गया था आज… प्रातः के 5 बज

तत्तेनुकम्पाम् सुसमीक्षमाणो…(श्रीमद्भागवत) दुःख बहुत है मेरे जीवन में क्या करूँ ? एक दुःख जाता है… जैसे-तैसे… फिर दूसरा दुःख मुँह

एक बार की बात है, पांच सखियाँ थीं, पांचो श्री कृष्ण की अनन्य भक्त थीं. एक दिन वे वन में

आज के विचार ( अयोध्या का लक्ष्मण किला ) रघुपति कीरति विमल पताका…(रामचरितमानस) अवध के लक्ष्मण किला में आप कभी

बात ज्यादा पुरानी नहीं है अंग्रेजो के ज़माने में एक दंगा हुआ था श्री राम जन्मभूमि को ले लेकर और

( भक्ति दर्शन का एक विलक्षण दृष्टिकोण ) भक्त्या तुष्यति केवलम्…(पद्यावली) चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी के यहाँ पुत्र हुए… एक

आज के विचार ( हे मेरे प्यारे राम..)भाग-23 राम समान प्रभु नाहीं कहूँ…(रामचरितमानस) मेरे प्यारे राम ! ये क्या लीला