
अरे घास री रोटी ही
अरे घास री रोटी ही , जद बन बिलावडो ले भाग्यो नान्हो सो अमरियो चीख पड्यो,राणा रो सोयो दुख जाग्यो
अरे घास री रोटी ही , जद बन बिलावडो ले भाग्यो नान्हो सो अमरियो चीख पड्यो,राणा रो सोयो दुख जाग्यो
जागो जागो देवासी रा जाया पढवा रा अवसर आया, पढवा रा अवसर आया पढवा रा दिनड़ा आया, थे बहन बेटी
मन में एक वेचैनी है दिल ये मेरा गबराये, आज क्या हो गया माँ पापा घर नहीं आये, पाँव में
अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे, अब के बरस तेरी प्यासों मे पानी भर देंगे, अब के
अनेकता में एकता विशेषता हमारी है, जन्म भूमि राम की ध्रुव की तपस्थली, शक्ति के प्रतीक में सहासी महाबली, नर
एह वतन हम को अपने राम की कसम, रखेगे तेरी आबरू हम जन्म जन्म जन्म यही हमारा कौन है यही
सुन सुन सुन मेरे नन्हे सुन, सुन सुन सुन मेरे मुन्ने सुन प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे
हम हार मान ने वाले इंसान नहीं है, जो पीठ दिखा कर भागे वो बेजान नहीं है, सुर वीरो की
कंधों से मिलते हैं कंधे, क़दमों से कदम मिलते हैं, हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते
भारत हमको जान से प्यारा है सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है भारत