
मेरे दाती दे दरबार भगत प्यारे नच्दे ने
मेरे दाती दे दरबार भगत प्यारे नच्दे ने, गाउंदे ने गुण गान ते लोन जयकारे नाच्दे ने, मेरे दाती दे

मेरे दाती दे दरबार भगत प्यारे नच्दे ने, गाउंदे ने गुण गान ते लोन जयकारे नाच्दे ने, मेरे दाती दे

हर जनम में मैया तेरा साथ चाहिए, सिर पे मेरे मैया तेरा हाथ चाहिए, सिलसिला ये टूटना नहीं चाहिए, मुझको

आस लाए है मां मुरादे लाए हैं शेरावाली को मनाने हम भी आए हैं लाल चोला लाल चुनरिया लाल मात

मेरा सुखी रहे परिवार, माता कृपा करो , हमे मिलता रहे तेरा प्यार, माता कृपा करो , सब की रक्षा

नचदे माँ दे मस्त मलंग ओ चडीआ भक्ती वाला रंग दुनिया भावे कुझ वी बोले जरा नि करदे संग ओ

जिहने जिहने बनी गुटा उते मोली मैया ने बड़े भाग लाये ने, मेहर किती बड़ी आंबे मैया भोली मैया ने

प्रतापगढ़ में चंदीपुर धाम ऐ भैया माता संग जग माता के धाम ये भैया माँ की आरती और भजनों से

इक तू हॉवे इक मैं होवा, कदे साहनु भी तू दर्श दिखा माता, लिख साहनु भी तू चिठियाँ पा माता,

रंग रिजवा चुनरिया रंग डारी, रंग डारि रंग डारि रंग डारि रंग रिजवा चुनरिया रंग डारि मोरी माई की चुनरिया

दर दे सवालिया दे हल माँ सवाल करदे, आज माडेया दे माये चंगे हाल कर दे, सरिया दी आस आज