
दुनिया दे हर माँ नु लमिया उमरा लाई वे
माँ वरगा ते कोई नही दुनिया विच साईं वे दुनिया दे हर माँ नु लमिया उमरा लाई वे, हसदीआ वसदिया

माँ वरगा ते कोई नही दुनिया विच साईं वे दुनिया दे हर माँ नु लमिया उमरा लाई वे, हसदीआ वसदिया

कितने दिनों के बाद है आयी भगतों रात भजन की, अब आ भी जा माई देर लगाई आई भगतो रात

रथ कलकत्यो चलया मात मेरी काली दा, काली दा जी काली दा, काले चोलया वाली दा, रथ कल्कत्यो चल्या मात

ऊँची चढ़ाई तेरा लम्बा रस्ता, और चढ़ा नहीं जाता, इसी लिए करवाया मैंने, घर में तेरा जगराता माँ, नाचू गा

बस इतनी तमना है दीवानों की शेरा वाली माँ दर पे बुलाया करो तेरे हम है पुजारी सुनो मैया जी

माँ चिन्तपुरनी खजाने देवे भर के, तू सच्चे दिलो देख मंग के ज्योता वाली दे रंगा विच रंग के, तू

ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो राह में आए जो दीन दुखी, सबको गले से लगाते

दुनिया वाले सेल्फी लेते अपने प्यारे नाल, मेरी झंडेवाली तू ही तू मैं सेल्फी लेनी तेरे नाल, सेल्फी लेनी लेनी

पंख होते तो मैं उड़ आती तेरे भवनों पे डेरा जमाती , कूकती रहती कोयलियाँ बन के मचाती रहती शोर

मेरी आखियो की प्यास बुझादे री, मेरी मईया दर्श दिखादे री, मै तो हुई दीवानों की डाला, दिन रात रटू