
तेरा बूहा नहीं छड्डणा
असी दर दरवाजे बहुत देखे दर देखया नही तेरे दर वरगा साडी पका यकीन है मेरी माँ होना स्वर्ग वी

असी दर दरवाजे बहुत देखे दर देखया नही तेरे दर वरगा साडी पका यकीन है मेरी माँ होना स्वर्ग वी

मन के द्वारे खोल के दे दो अपने मो का दान रे, कल की माया कौन जाने कब निकले ये

मैया के दीवाने आ गये, चुनर में प्यार भर के शृंगार लाये हम तो मैया तेरे दर पे, जगराते के

तारे माँ जिवें अम्बरां दे तारे उचियाँ पहाडा विच हवा दे झंडे लेन हुलारे नि मै तारे माँ जिवें अम्बरां

लारे नीत लाया न तू कर दातिए, पाजा फेरा बच्चेया दे घर दातिए , आजा दाती , आजा दाती ,

साड़ी कुंडली च लिखिया है महारानिये, असी सदा तेरे दर दे गुलाम रहा गये, तेरे दिते होए साहा दी बनाके

तू तो आँखों से इक पल न ओजल हुआ, तू मेरा हो गया देखते देखते, देखते ही तेरी प्यारी चितवन

साँझ सबेरे पंडाला विच माँ दुर्गा विराजेगी , माँ की धुन बाजेगी सय मैया की धुन बाजेगी, अम्बे अपनी धुन

सर्व सुख दायिनी मैया वरदायनी हे माँ नारायणी तुहि जगतारानी हे भवानी सदा हमपे राखना कृपा तेरे चरणों से करना

लगी रौनक बड़ी है दरबार ते है नहीं ऐसा कोई द्वारा संसार ते, बैठे संगता दे टोले कोई जैकारा माँ