
सोहणे मंदिरां तो
कोई आया कला कोई नाल परिवार दे, असी भी ता चल आये माँ दे दरबार ते, रेह्न्दी ना कोई थोड
कोई आया कला कोई नाल परिवार दे, असी भी ता चल आये माँ दे दरबार ते, रेह्न्दी ना कोई थोड
माँ काली से सच्ची प्रीत लगा के देख ले, तेरा काट देगी संकट भेट चढ़ा के देख ले, शुभ निशमन
मेरी शेरावाली माँ इब लावे ना देरी तेरे दर्शन करने को बेटी आई से तेरी तने आप कहा था यो
तू झंडियावाली दाती है मेरी अर्जी इक मंजूर करो, मुझे रखलो अपने चरणों में इक पल न माये दूर करो,
माँ मेरे घर आई रे मैं तो माँ को मनाऊ, माँ को मनाऊ मैं तो ज्योति जगाउ, ज्योति जगाउ मैं
हो गिन गिन के दसा मैं केहड़े केहड़े मैया ने ता लखा तारे ने, मैया ने ता लखा तारे ने
आवेगी भावना वाली मारी जा अवाजा मारी जा, आवेगी शेरावाली मारी जा आवाजा मारी जा, पलका नु बना ले पोकर
सब आते है बाराम बार मैया जी तेरे चरणों में, मैं तो आई हु पहली बार मैया जी तेरे चरणों
सुन मेहरा वालिये माये तेरे दर ते सवाली आय, तू जान दी है बचडे दी सब मजबूरियां माँ, बचेया दियां
तेरे बचेया दे वेले आज जागा दातिए, आज साडे लई भी दिन भडभागा दातिए, होके शेर ते सवार आजा दातिए,