
आया छोड़ के सारा संसार
आया छोड़ के सारा संसार, मेरी मेहंदीपुर वाली सरकार, मेरी जोशीनगर वाली सरकार, झोली भर दो मेरी तेरे दर पे

आया छोड़ के सारा संसार, मेरी मेहंदीपुर वाली सरकार, मेरी जोशीनगर वाली सरकार, झोली भर दो मेरी तेरे दर पे

एक गिलहरी बार-बार सागर में पूँछ भिगावे… राम जी ने पूछा – “गिलहरी क्या कर रही हो ?” बड़े नुकीले

तेरे जैसा राम भक्त कोई हुआ न होगा मतवाला, एक जरा सी बात पे तूने सीना फाड़ दिखा डाला, रतन

मेरे वीर हनुमान प्यारे प्यारे, श्री राम जी के तुम हो दुलारे, प्रभु लीला हमे भी दिखलाना, मेरे वीर हनुमान

तर्ज़–कभी बेबसी ने मारा मनको की है यह माला मेरे काम की नहीं है इसमें कहीं भी सूरत मेरे राम

लहर-लहर लहराए रे झंडा बज,रंग बली का, बजरंग बली का मेरे बजरंग बली का, लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंग बली

कलयुग के इक देवता जिनका नाम निराला, जो भी पूजे इनको खोले बंध किस्मत का ताला जय हो जय हो

बार बार मैं तुम्हे पुकारू आइयो पवन कुमार, तेरे बिन हनुमत जीवन बड़ा दुशवार दीं दयालु हे बजरंगी किरपा रहे

बाबा तूने भक्तों को सब कुछ दिया, जिसने बालाजी तेरा सिमरन किया, सब के दिया दर्शन ना दिया, बाबा तूने

दुनिया के मालिक को भगवान कहते हैं, संकट के साथी को हनुमान कहते हैं, जब रिश्तेदार तुमसे मुखड़ा छुपाए, हनुमान