
तेरा भवन भी छोटा पड़ गया
तेरा भवन भी छोटा पड़ गया बड़ा बनावा हो, बाबा हो बाला जी तेरे घने बने पुजारी हो, दोनों कना

तेरा भवन भी छोटा पड़ गया बड़ा बनावा हो, बाबा हो बाला जी तेरे घने बने पुजारी हो, दोनों कना

आने से उस के आए बहार जाने से उस के जाए बहार भक्तो का दीवाना है मेरा बजरंग बलि राम

दुनिया रचने वाले को भगवान कहते हैं, और संकट हरने वाले को हनुमान कहते हैं । हो जाते है जिसके

जब से आया मै दर पे तुम्हारे, दुःख कट गये है जीवन के सारे, जब से आया मै दर पे

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार | पवनसुत विनती बारम्बार || अष्ट सिद्धि नव निद्दी के दाता,

टोली भगता की देखो रे सालासर चाली लाल ध्वजा बजरंगी की बाई हाथ में उठाली जाके बजरंग बाला के अरदास

झूम रहे अनजान प्रदेश के नर नारी सब सारे, आज अनजान के घर जनम लियो माता अंजनी के दुलारे, चतिर

सालासर में लियो अवतारा वीर बलि हनुमान, मेहंदीपुर में दर्शन दे भगतो का किया कल्याण, सालासर वाले की जय के

सिया वर रामचंद्र की जय महाबली हनुमान की जय राम लखना जानकी जय बोलो हनुमान की जय बोलो हनुमान की

ये माँ अंजनी का लाला, है देव बड़ा बल वाला और ना कोई कर पाया जो, वो इसने कर डाला