
माँ अंजनी के लाल थोड़ा ध्यान दीजिये
माँ अंजनी के लाल थोड़ा ध्यान दीजिये, दे ध्यान दीं दास का कल्याण कीजिये, माँ अंजनी के लाल थोड़ा ध्यान

माँ अंजनी के लाल थोड़ा ध्यान दीजिये, दे ध्यान दीं दास का कल्याण कीजिये, माँ अंजनी के लाल थोड़ा ध्यान

बाजे रे शंख और नगाड़े अंजनी के घर ललना पधारे, ललना पधारे प्यारे बाला पधारे, बाजे रे शंख और नगाड़े

बालाजी यो होया रोग पुराना हो, मेहंदीपुर ने छोड़ दियां आज सोनीपत राणा हो, तेरी बेटी पे संकट आया, अरे

जय जय हनुमान मेरे तेरे भक्तों ने जोत जलाई, आजाओ हनुमान मेरे तेरे चरणों मे अर्ज लगाई, श्री राम दूत

गिरतों को जिसने संभाला ऐसा है अंजनी लाला पवनसुत बालाजी पवनसुत बालाजी सच्चा है दरबार मेरे बालाजी का मिलता है

किरपा बाला की जो मेहंदीपुर बरसी ये दुनिया दीवानी हो गई, काटे संकट इक पल में हनुमत ये अमर कहानी

बाला जी तेरी जोत जगाई ओ दुनिया में ठोकर खाके, जब तक न पड़ लू चालीसा, आता ना मेरे बाबा

ये श्री बालाजी महाराज हैं रखते भक्तो की ये लाज हैं सालासर के मेरे बालाजी मेरे सियाराम की शान हैं

लगा तीर लखन मैं सीने में , हाय कुछ भी सुझ न पाये, जल्दी से आओ हनुमत प्यारे , कही

मैं दुनिया छोड़ के आ गया बाला जी के मंदिर में, अरे मैं सारी खुशिया पा गया बाला जी के