
अंजनी का लाला
जगमग हो रही हिमालये में फेल रहा था उज्याला, पहाड़ उठा के चल पड़ा वो माँ अंजनी का लाला, पवन

जगमग हो रही हिमालये में फेल रहा था उज्याला, पहाड़ उठा के चल पड़ा वो माँ अंजनी का लाला, पवन

चले हनुमान मेरे आये , श्रीराम जी की धूम मचाये : चले हनुमान मेरे आये , श्रीराम जी की धूम

तर्ज – शिव डमरू बजाऐ श्री राम को रिझाऐ तन सिन्दूर लगाऐ , ओर नाच दिखाऐ हनुमान ओ गाके राम

राम जी करेंगे न तो श्याम जी करेंगे तेरे सारे काम हनुमान जी करेगे राम और श्याम दोनों बात मानते

राम जी के नाम का पी कर प्याला, नाच रहे मस्ती में बजरंग बाला बजरंग बाला बजरंग बाला पाओ के

जय जय हो हनुमान जय हो तेरी हनुमान, हे मेहंदीपुर बाला जी तेरी जग में ऊँची शान, जय जय हो

मने सपना आया रात बलम जी बाला जी ने जाना मने मेहंदीपुर में पुरे धाम के दर्शन करके आना मेरे

आवे जब जब नया साल तेरे दर पे अंजनी लाल, तेरे दर पर आके केक कटावागे, आजा बाबा आजा हैप्पी

नाच रहे बजरंगी हो कैसी मस्ती छाई है, हाथो में लेकर खडताले, नाच रहे हो कर मत वाले, बोले ता

तेरे ही नाम की चर्चा जग में और जैकारे गली गली, बलि बलि बजरंग बलि, सीना चीर के भरी सबा