
उठे तो बोले राम बैठे तो बोले राम
उठे तो बोले राम बैठे तो बोले राम, श्री राम भक्त हनुमान बोले राम राम राम, ओ बाला सा हमारे

उठे तो बोले राम बैठे तो बोले राम, श्री राम भक्त हनुमान बोले राम राम राम, ओ बाला सा हमारे

बालाजी चाला पाड़ दे काढ़ के भूत लुगाइयों के लोगों में बांड़ दें सारा घर का काम करू मिलै फेर

ओ बाबा सिंदूरी रंग मत न लगावे तेरे नजर लाग जावेगी, नमक मिर्च करते करते माँ अंजनी हार जावेगी, ओ

मोहे अचम्भो है मेने हनुमान नहीं देखे ॥ जनक पूरी में मेने नहीं देखे ॥ वह मेरो जनम भयो मेने

झूम झूम नाचे देखो भकत हनुमाना, भाजे कड़ताल करे राम गुण गाना, झूम झूम नाचे देखो भकत हनुमाना, देखो राम

मेहंदीपुर में बाबा विराजे सालासर में बाबा विराजे भगतो का रखवाला, म्हारा बाला यो तो माँ अंजनी का लाला मेहँदीपुर

जिहने एक वारि लिया तेरा नाम बाला जी तेरे नाम दी मस्ती चढ़ गई, खंडा परमंडा वाला खुल गया राह,

लेके खड़ताल भवन में नाचे देखो माँ अंजनी का लाला, माँ अंजनी का लाला नाचे माँ अंजनी का लाला, राम

आ जाओ और कृपा पा लो हफ्ते में दो बार मेरे बजरंगी के द्वार मेरे बजरंगी के द्वार शनिवार को

जिस घर में रामायण की चर्चा होती रहती है, उस घर में बजरंग बलि की किरपा होती रहती है, राम