
जागो मोहन प्यारे
जागो… जग उज्यारा छाए, मन का अन्धेरा जाए, किरणों की रानी गाए, जागो हे मेरे मन मोहन, प्यारे जागे रे

जागो… जग उज्यारा छाए, मन का अन्धेरा जाए, किरणों की रानी गाए, जागो हे मेरे मन मोहन, प्यारे जागे रे

किसकी शरण में जाऊं अशरण शरण तुम्ही हो ॥ गज ग्राह से छुड़ाया प्रह्लाद को बचाया द्रोपदी का पट बढ़ाया

पकड़ हाथ में बैया और बोले श्याम कन्हैया, बोल राधा बोल अब तू जाएगी कहा तूने वादा खूब किया था

मालिक श्याम है मैं हूँ नौकर, इतनी तन्खा पाता हु, पलता हु परिवार को हस के लाख लाख शुक्र मनाता

गले से लगा लो ना कन्हिया गले से लगा लो ना , तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा मुझे अपना बना

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे जाने कब होगा वो नजारा, तू जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दू कुछ

न मैं धाम धरती न धन चाहता हूँ, कृपा का तेरी एक कण चाहता रटे नाम तेरा वो चाहूँ मैं

ये वृंदावन है प्यारे बोल तू राधे राधे, राधे राधे राधे राधे राधे बोल. ये वृंदावन है प्यारे बोल तू

श्याम मनमोहन है मन को मोहे जाए भगतो को सताये, नींद चुराए चैन चुराए सारी सारी रात जगाये, बंसी मधुर

हो हो हो हो श्याम तेरी मुरली बजे मुरली बजे मुरलिया बजे हो हो हो हो तेरे भगतो के मन