
लोका दे सहारे बड़े होंगे
लोका दे सहारे बड़े होंगे मेरा ता सहारा इक तू, लोका दे गुजारे बड़े होंगे मेरा ता गुजारा इक तू,

लोका दे सहारे बड़े होंगे मेरा ता सहारा इक तू, लोका दे गुजारे बड़े होंगे मेरा ता गुजारा इक तू,

कुञ्ज गली में वृन्दावन की और न चर्चा कोई, भोर भये से सांज भये तक राधे राधे होये, राधे राधे

ठाकुर ने खाटू में क्या खेल रचाया है, राधे की हवेली को ब्रिज धाम बनाया है, नंदगाव में रसोई में

होकर लीले पे सवार आजा सांवरिया सरकार थारी ज्योति जगाई जी, जगाई ओ बाबा ज्योति जगाई जी होके लीले पर

लाडो किरपा करती खास वो तो विपिन बसा लेती जो जपता श्री हरिदास श्री हरिदास श्री हरिदास श्री हरिदास अंबर

थोडा थोडा गोरा थोडा काला लगता है ओ मेरा संवारा कन्हिया बड़ा प्यारा लगता है तीर नही ये रखता है

दुख में मत घबराना पंछी,ये जग दुःख का मेला है, चाहे भीड़ भड़ी अम्बर पर उड़ना तुझे अकेला है, नन्हे

मेरी करदे कन्हैया पूरी आस मन की, मेरा मंदिर भी तू मेरा मस्जिद भी तू, है तेरा सहारा मेरा मुरशिद

काला काला करे गुजरी मत काले का जिक्र करै काले रंग पे मोरनी रुदन करै काला काला करे गुजरी मोटे

जीवन में जब जब दुःख आये जब जब जी गबराता है, मेरा साथी बन के कन्हियाँ मेरे दुःख हरने आता