
श्याम के दर पे जब से हम जाने लगे
जग ने रुलाया जग ने हराया, हर के जग से दर तेरे आया, दर तेरे आया दिल से रिझाया, सांवरिया

जग ने रुलाया जग ने हराया, हर के जग से दर तेरे आया, दर तेरे आया दिल से रिझाया, सांवरिया

भगवान तेरी इस नगरी में ये सारी दुनिया बहुत दुखी कोई मान का सुखी कोई धन का सुखी कोई जान

मुझे अपने ही रंग में रंगले श्याम मुरली वाले, श्याम मुरली वाले श्याम बंसी वाले, तू मेरा मैं तेरी प्यारे

एक रोज़ रुक्मण ने दिया था गरम कृष्ण को दूध गरम दूध ने जब हृदय में करी उछाल और कूद

राधा मत कर आना कानी रुत है सावन की मस्तानी , हुआ है दिल दीवाना आज बजाऊ मुरली मैं तो

हे बिहारी मैं तुम्हारी मुझको अपना लीजिये, श्री चरण की शरण आई देर न अब कीजिये, हे बिहारी मैं तुम्हारी

रे महारा नन्द किशोर राधा पे ढाले डोर, यु तो बड़ा छलिया छे, रहा बरजोर राधा मचावे छोर यु तो

बात समझ में आई अब हमारी झूठी है सारी दुनिया दारी, और न लो अब परीक्षा हमारी , आये शरण

किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए। जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥ जब गिरते हुए मैंने तेरे नाम

रमता पधारो म्हारे आंगणे मारा बजरंग बाला, लुल लुल जोडू दोनों हाथ, माता अंजनी रा थे लाडला मारा बजरंग बाला