
ओ सँवारे तेरी राधा दीवानी है
प्रीत में तेरी मोहन कभी हार न मानी है, ओ सँवारे तेरी राधा दीवानी है , सूद बुध को विसराये

प्रीत में तेरी मोहन कभी हार न मानी है, ओ सँवारे तेरी राधा दीवानी है , सूद बुध को विसराये

वृंदावन की कुंज गली में वस् जायेगे हम, राधा रानी के चरणों में वस् जायेगे हम, तू जो जीवन में

कब सुध लोगे नन्दलाल, बता दो भक्तों को ll *हम कब से तेरी राह खड़े, दर्शन की लेकर चाह खड़े

कृष्ण की कृपा का कोई जवाब है नहीं, वो कब दे और क्या दे, कोई हिसाब है नहीं, कुछ भी

जब हाथ माँ का सिर पर तो कैसा है मुझको डर, ओ शेरावाली माँ ओ मेहरा वाली माँ ऐसी मेहर

तेरी शान तेरे जलाल को मैंने जब से दिल में बसा लिया। मैंने सब चिराग बुझा दिए, तेरा इक चिराग

मैया यशोदा कान्हा को झुला झुलावे रे कभी सोये कभी जागे कान्हा जी हमारे मैया यशोदा जी के राज दुलारे,

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी, मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी, गोकुल में छुप छुप के माखन चुरायो, ग्वाल

आया जन्मदिन श्याम तुम्हारा, भक्त कहे हरषु हैप्पी बढ़े टू यू, देखु जिधर बस तु ही तु है, हर तरफ

काहें तेरी अखियों में पानी, कृष्णा दीवानी मीरा श्याम दीवानी, हस के तू पिले विष का प्याला, तोहे का डर