
होलिया में उड़े रे गुलाल
होलिया में उड़े रे गुलाल श्याम तेरे मंदिर में, श्याम तेरे मंदिर में कनुड़ा तेरे मंदिर में, रंग अबीर गुलाल

होलिया में उड़े रे गुलाल श्याम तेरे मंदिर में, श्याम तेरे मंदिर में कनुड़ा तेरे मंदिर में, रंग अबीर गुलाल

चालो चालो रे बुलावे रानी सती दादी झुंझुनू जावे ले छुक छुक रेल गाडी, बाधो आयो मेलो बरसी झुंझुनू मैं

मैं नित मंदिरा न आवा, श्याम तेरे दर्शन नु, दर्शन नु दर्शन नु, दर्शन नु तेरे दर्शन नु, मैं सो

फागण में उड़े रे गुलाल के आओ होली खेला जी, भगता को है मन हरषायो,रंग, प्रेम को ध्यान लगाया, रंग

कान्हा मुरली की तान सुना दे कहे तेरी राधे, मैं तेरे कुर्बान सँवारे, तू दिल तू ही जान सँवारे, कान्हा

मन में हजारो शब्द वसे है उन में दो अनमोल, राधे कृष्णा राधे कृष्णा बोल बोल, दूर उड़ा मन पंक्षी

अपने नटखट कान्हा को मैया क्यों न समजावे, तेरो कान्हा बडो हठीलो यमुना तट पे उदम मचावे, कान खोल कर

राम कहो या श्याम मुरली वाला देता है एक राम देने वाला कितना है अनजान देखो लेले वाला देता है

पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे, मैं तो अपने नारायण की आप ही होगी दासी रे, पग घुंघरू बाँध मीरा

जय जय राधा रमण हरी बोल हरी बोल हरी बोल हरी बोल हरी बोल हरी बोल हरी बोल, हरी बोल