
तोलू नको देवा आता माझे गुण दोष
तोलू नको देवा आता माझे गुण दोष तूच सर्व गुण देवा, तूच सर्व दोष तूच माझा अंधार, तूच रे प्रकाश

तोलू नको देवा आता माझे गुण दोष तूच सर्व गुण देवा, तूच सर्व दोष तूच माझा अंधार, तूच रे प्रकाश

कान्हा मेरे कान्हा मेरे घर आना माखन और मिश्री का भोग लगा जाना ओ संवारे … कान्हा संग राधिका को

वृंदावन नाचे मोर ओ मोरे मैं मोरे देखने जाऊंगी मेरी बिंदिया पे लिख दो, राम राम मेरे हरवा पर राधे

तर्ज – मिलती है ज़िन्दगी में मुहब्बत कभी कभी तुमने बुलाया फिर मुझे लो आ गया प्रभु दर्शन दिए है

ये दिल तेरा दीवाना मैं हो गई श्याम दीवानी अब हाल मेरा मत पूछो मैं तो हो गई मस्तानी, मोहे

तेरे चरण कमल में श्याम लिपट जाऊ राज बनके॥ लिपट जाऊ राज बनके, लिपट जाऊ राज बनके॥ तेरे चरण कमल

कुञ्ज की हर गली मुस्कुराने लगी , राधिका श्याम के गीत गाने लगी, कुञ्ज की हर गली मुस्कुराने लगी ,

झोली को भरलो भक्तो रंग और गुलाल से, होली खेलगा आपा गिरधर गोपाल से, कोरे कोरे कलश मंगा कर उनमे

आज कान्हा भक्त तेरे ये होली खेलन को तरसे, रंग बरसे कान्हा रंग बरसे आज ब्रिज में रंग बरसे, सारी

आधार हो एक तेरा आस एक तेरी, ऐसी किरपा मुझपे भी हो प्रभु तेरी, तेरी किरपा से स्वामी मुझे ये