
आसान नहीं है हर किसी का…
आसान नहीं है हर किसी का… प्रेम में कान्हा हो जाना….निस्वार्थ, प्रेमत्याग, कर जाना आसान नहीं होता किसी कायूँ प्रेम

आसान नहीं है हर किसी का… प्रेम में कान्हा हो जाना….निस्वार्थ, प्रेमत्याग, कर जाना आसान नहीं होता किसी कायूँ प्रेम

हर मुसीबत से निकला हमें, जब भी गिरने लगे सम्बला तूने, दोर्हे आये हमेशा हमारे लिए, जी रहे है कन्हिया

मेरे घर के आंगन में मेरे श्याम चले आओ, मेरे श्याम चले आओ ॥ बीत न जाये दर्श की घड़ियाँ,

कृष्णा गोबिंद गोबिंद गोपाल नन्दलाल, हम प्रेम नगर की बंजारन, जप तप और साधन क्या जाने, हम श्याम के नाम

श्याम के रंग में रंगी मैं साँवरिया, देखा नही खाटू धाम बाबा का है बड़ा नाम मोहे ले चल रे

कान्हा की दीवानी बन जाउंगी, दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी, कान्हा की दीवानी बन जाउंगी, जब मेरा कान्हा माखन

आजा चिमटे वालेया सैयां जी तेरी लग पाई आरती हों, तू दस किथे देरीया लाइयाँ तेरी लग पई आरती हों,

आरती बालकृष्ण की कीजै | अपनों जन्म सफल कर लीजै | आरती बालकृष्ण की कीजे | श्री यशोदा को परम

तुम बिन हमरी कौन ख़बर ले गोवर्धन गिरधारी ,गोवर्धन गिरधारी भक्त मीरा की विपदा में , बस काम तुम्हीं तो

मन में बसाकर तेरी मूर्ति, उतारू में गिरधर तेरी आरती॥ करुणा करो कष्ट हरो ज्ञान दो भगवन, भव में फसी