
आजा आजा रे सांवरिया मिलने यमुना किनारे
आजा आजा रे सांवरिया मिलने यमुना किनारे। यमुना किनारे आजा, यमुना किनारे आजा। मोरी थाम ले कलयिया मोहन यमुना किनारे॥

आजा आजा रे सांवरिया मिलने यमुना किनारे। यमुना किनारे आजा, यमुना किनारे आजा। मोरी थाम ले कलयिया मोहन यमुना किनारे॥

हुकुम फरमाओ सांवरिया खड़ा हूँ सामने तेरे ज़रा बतलाओ सांवरिया खड़ा हूँ सामने तेरे मेरे हर मर्ज़ की बाबा दवा

मुरली वाले कृष्ण कन्हिया जी ना लगे, संवारे जल्दी आना के जी ना लगे , छोड़ो अब तरसना की अब

सखी सपने में एक अनोखी बात हो गई, साँवरे से मेरी मुलाकात हो गई, मैं तो गहरी नींद में सोए

अब आन मिलो मोहन तन्हाई नही जाती अब और कही ठोकर प्रभु खाई नही जाती, इस वैद की कौन बता

श्याम दरबार में चलके जो पेहली बार आता है हर ख़ुशी मिलती जीवन में वो बारम बार आता है है

मेरे श्याम की महफ़िल में भगतो किरपा दिन रात बरस ती है, बिन बोले वो मिल जाता जिसे सारी दुनिया

बंशी बजेगी राधा नाचेगी चाहे जग रूठे तो रूठ जाए तेरी बंशी बड़ी जादूगारी जुलम मेरे साथ करे सारी रात

रंग रंगीला छैल छबीला, सांवरी सुरतिया वाला वो है नंद लाला मीरा जिसके नाम पर पी गई , राणा के

मीठी बंसी ब्जादे घनश्याम प्यारी मुरली सुना दे घनश्याम जिया धीर न धरे मनवा वैरी है रे आके धीर बंधा