
आजो भगतो मैया दे दरबार चलिये,
आये चाले सोहन दे अम्बे नु ध्याउन दे, ज्योता वाली नु ध्याइये सुते भाग जगाइए , शेरावाली माँ दा करण

आये चाले सोहन दे अम्बे नु ध्याउन दे, ज्योता वाली नु ध्याइये सुते भाग जगाइए , शेरावाली माँ दा करण

ग्वालिन क्यों तू मटकी तू कैसे पे मटकी, कहा तू जा रही मटकी मटकी धर मट कांपे मटकी, तू तो

मेहर करो सांवरिया नजर करो सांवरिया शरण पड़े हम सांवरिया खबर तो लो सांवरिया हमने सुना सच्चा बड़ा दरबार तेरा

मेरो राधा, रमण गिरधारी, गिरधारी, श्याम बनवारी गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है, श्री बांके बिहारी, नंदलाल मेरो है ll

मेरी प्यारी राधिका तेरा दीवाना है कान्हा सात रंगवा सतरंगी चुनरियाँ ओड ले आना मेरी प्यारी राधिका तेरा दीवाना है

दीवाना मचल रहा रे,मस्ताना मचल रहा रे, देखि दीवाने ने सवाली सूरत, इस दुनिया की रही न जरूरत, तेरे दर

जब जब तेरी मुरली बाजे राधा झूम झूम कर नाचे, तूने बंसी जो बजाई राधा ने सुध बुध विषराई, उसकी

तेरे चरणों का फूल श्याम जाऊ न दूर, सदा लिपटा रहु तुमसे मेरे हज़ूर, कभी ना पाउ दूर कभी जाऊ

यमुना तट मैं गई थी नहाने कान्हा बंसी के धुन क्यों बजाई दियो रे मैं तो मतवारी हो गई श्याम

मुरली वाले पे दुनिया दीवानी हो गई हो बंसी वाले पे दुनिया दीवानी हो गई प्रेम की दीवानी राधा रानी