
जाओ जाओ वृंदावन एह उधो
जाओ जाओ वृंदावन एह उधो गोपियों से जाकर तुम मिलना केहना कान्हा ने भेजा है सुध उनकी जरा ले कर

जाओ जाओ वृंदावन एह उधो गोपियों से जाकर तुम मिलना केहना कान्हा ने भेजा है सुध उनकी जरा ले कर

केशव माधव गोपाला हे नटनागर गोपाला हे गोविंदा गोपाला मनमोहना रास रचैया गोपाला, बंशी बजैया गोपाला माखन चुरैया गोपाला गो…पा…ला…

दीवाना कृष्ण नाम का मस्ताना श्याम नाम का, मैं छोड़ चूका दुनिया सारी मैं पागल हु ब्रिज धाम का, दीवाना

फागुन आया सजी खाटू नगरियां, खाटू नगरिया में घूमे है सांवरियां, मेरा संवारा सलोना घनश्याम घूम रहा नीले चढ़ के,

तेरे नाम दी चादर ओढ़ ओढ़, सारी दुनिया को छोड़ छोड़, वो तो प्रीत की डोरी जोड़ जोड़, तेरी प्रेम

बुला बुला कर हार गया मैं, क्यों नहीं आवे रे क्यों नहीं आवे रे सांवरा क्यों नहीं आवे रे, भोला

रुनझुन झनके पैजनिया कान्हा चलने लगे, पग डगमग गिरत पडत उठत चलत कान्हा , रुनझुन झनके पैजनिया…. नन्द बाबा की

तू ही हमारा एक सहारा तू ही है नैया मेरी तू ही किनारा तू ही हमारा एक सहारा देखू तुम्हे

होरी खेलत नंदलाल बृज में, होरी खेलत नंदलाल। ग्वाल बाल संग रास रचाए, नटखट नन्द गोपाल॥ बाजत ढोलक झांझ मजीरा,

कन्हैया को एक रोज रो के पुकारा, कृपा पात्र किस दिन बनूँगा तुम्हारा, मेरे साथ होता है सरेआम तमाशा, है