
अवसर बीता जाए
मन रे अवसर बीता जाए, किस माया में पड़ा वन्वारे हरी नाम विसराये अवसर बीता जाए, चार घडी में दिन

मन रे अवसर बीता जाए, किस माया में पड़ा वन्वारे हरी नाम विसराये अवसर बीता जाए, चार घडी में दिन

नन्द गाँव मैं खुशियाँ छाई, आज आये है कृष्णा कन्हाई, आज घर घर में थाल बजे है, देखो घर घर

ये ओ सिर पे पंख मोर बोले तोतले से बोल, कहे इसे माखन चोर मेरे दिल में भावे से, मीरा

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनिया में कोई हमारा ना होता। जबसे मिली है दया हमको इनकी,

चुनर मेरी नयी नयी कान्हा अरे मत इसपे तुम रंग डारो, अरे रे मत करो मने परेशान सांवरियां मुझपे जरा

ना लेकर कुछ आया रे बंदे ना लेकर कुछ जायेगा ना लेकर कुछ आया रे बंदे ना लेकर कुछ जायेगा,

श्याम सुन्दर सवेरे सवेरे तुम मुरली बजाया करो ना नाम मुरली में ले ले के मेरा मुझे घर से बुलाया

दिल जो लगाया तुम से कन्हैया दीवाना मैं तेरा हो गया, कर न स्का जो कोई तुमने किया, दिल जो

तेरे बरसाने में जो सकूं मिलता है, वो कहीं और मिलता नहीं लाडली, तेरी करुणा का अमृत जो बरसे यहां,

छोड़ना जग पड़ेगा तुझे हर हाल में, अपने मन को लगा ले लड्डू गोपाल में, छोड़ना जग पड़ेगा तुझे हर