
जाके मेरे पीछे छुप के वो आँख बड़ी मटकाता है
सुन ऋ यशोदा मैया तेरा लला बड़ा सताता है, जाके मेरे पीछे छुप के वो आँख बड़ी मटकाता है, छुप

सुन ऋ यशोदा मैया तेरा लला बड़ा सताता है, जाके मेरे पीछे छुप के वो आँख बड़ी मटकाता है, छुप

ढोले बाजे रे नगाड़ा भाजे राधा गोरी के संग में गोविंदा नाचे रे, ढोल बाजे रे मिरदंग भाजे रे राधा

साँवरिया बिन तेरे कोई ना भाता है, बस तेरा दीदार करू मेरे मन में आता है, ये कैसा रिश्ता है

राधे कृष्णा हरे हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे, श्याम सूंदर की अजब है लीला और निराले खेल बड़े, राधे कृष्णा

तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ के अब तेरा साथ नहीं छूटे मेरा तुम पे रहे विश्वास के अब

श्याम बुलाए यमुना पार राधे कब से निहारु तेरी राह रे, श्याम बुलाए यमुना पार … श्याम कहे यमुना तट

जबसे श्याम ने थामा हाथ मेरी बन गई सारी बात, मेरे जीवन में आई बहार सांवरियां तेरा बड़ा उपकार, श्याम

अकेली मत जाना ओ राधे रानी मेरे कन्हिया के घूंघर वाले बाल उलझ मत जाना ओ राधे रानी अकेली…….. मेरे

बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे, कोई सोना की जो होती, हीरा मोत्यां की जो होती, जाणे कांई करतो, कांई

असि जोगन हुन्न बन जाइये लब के लेयायिये श्याम नु जे श्यामा तू गौवे चरावे असि ग्वाले बन जाइये जे