
श्याम हमारे घर आ जाना
आ जाना आ जाना जब भूख लगे तुम्हे श्याम हमारे घर आ जाना खा जाना खा जाना मखान आ के

आ जाना आ जाना जब भूख लगे तुम्हे श्याम हमारे घर आ जाना खा जाना खा जाना मखान आ के

दातेया दातेया दातेया दातेया तेरे सोहने दर नु छड़ सतगुरु साडा होर ठिकाना नहीं, ना करि चरनी तो साहनु दूर

मेरे श्याम ओ मेरे श्याम मेरे श्याम ओ मेरे श्याम श्याम की दीवानी मीरा रानी हुई मेहलो को छोड़ दिया

रे मनवा खेती करो रे हरी नाम की, हाथ नहीं लागे पैर नहीं लागे, जीबिया न लागे मास की, खेती

झूम रहे खोली में मदन मोहन मुरारी , मैं भी संग चलु गी साजन सुन लो बात हमारी, झूम रहे

मेरै लगी कालजे चोट किशोरी राधा की गयी मार नशीली चाल रै गोरी राधा की तकदीरो के सौदे पर है

बाबा तेरे दर से रिश्ता पुराना है, हर ग्यारस में मुझे तेरे दर पे आना है सँवारे छूटे न डोर

सहे तो सहे कैसे दुःख इतने, कहे तो कहे किस से गम अपने, आखिरी है दर तेरा सोच के मैं

पावन दर है तेरा मैं हाथ जोड़ खड़ा मुझको मेरे गुनाह है कुबल मेरे श्याम लेने आया हु चरणों की

आओ आओ… मेरे नन्दलाल आ जाओ, आओ आओ…. मेरे गोपाल आ जाओ, आ जाओ आ जाओ मेरे दिल समा जाओ,