
आरती करिये सियावर की
आरती करिये सियावर की, अवधपति रघुवर सुंदर की, जगत में लीला विस्तारी कमल दल लोचन हितकारी , मुख पर अलके

आरती करिये सियावर की, अवधपति रघुवर सुंदर की, जगत में लीला विस्तारी कमल दल लोचन हितकारी , मुख पर अलके

यह बिनती रघुबीर गुसांई, और आस बिस्वास भरोसो,हरो जीव जडताई, चहौं न कुमति सुगति संपति कछु,रिधि सिधि बिपुल बड़ाई, हेतू

महावीर जी अब तो लो तुम ख़बर मेरी, लो ख़बर मेरी लो ख़बर मेरी-३ महावीर जी अब तो लो तुम

तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा, मेटो मेटो जी संकट हमारा । निशदिन तुमको जपूँ, पर

मेरे गुरुवर जहाँ आ जाये वहाँ लग जाता भक्तों का तांता मेरे गुरुवर जहाँ आ जाये वहा खुशियों का मौसम

कुंदन पुर के बड़े बाबा की बड़ी निराली शान है, याहा विराजे आदि प्रभु की परतीबा बड़ी विशाल है, वाह

दोहा आव्यो छुं प्रभु तारे द्वारे , दर्शन दो मुक्ति दो आ सँसार नी माया मांथी ,मुक्ति दो दर्शन दो

श्रीमति माँ तेरा लाला कितना भोला भाला है । यह हो महा व्रत पाले है, तुमने इसको पाला है ॥

भर दे रे, गुरुदेव झोली भर दे, भर दे, ना बहलाओ बातों में । भर दे रे, गुरुदेव झोली भर

अहो राम गुरुवर चरण में तुम्हारे, स्वीकारो स्वीकारो ये वंदन हमारे अहो राम गुरुवर चरण में तुम्हारे, स्वीकारो स्वीकारो ये