
खिल गए सारे नज़ारे
खिल गए सारे नज़ारे, घर में सतगुरु पधारे करामात हो गई, घर मेरे आये सतगुरु प्यारे मैं दोनों जहां उन

खिल गए सारे नज़ारे, घर में सतगुरु पधारे करामात हो गई, घर मेरे आये सतगुरु प्यारे मैं दोनों जहां उन

साईं से अगर एक पल भी, तू लगन लगाएगा, सच यही है साई तेरी, जिंदगी बनाएगा, साई राम जपता है

नज़ाकत छोड़ के हम तो सरे बाज़ार नाचे गये, साईं दरबार नाचे गये, नचने दे मुझे नचने दे बाबा के

है रेहमतो का साया बाबा तेरी शिरडी में, मंजिल का पता पाया बाबा तेरी शिरडी में, जो अंसियो से दामन

बड़ा उपकार तेरा सहनु सेवा दे विच लाया, कवा किवे लफ्जा विच अस्सा जो जो तह्तो पाया, बड़ा उपकार तेरा

ना करो बन्दगी न करो इबादत, एक दूजे दे नाल प्यार करो एक दूजे दा सत्कार करो, सब तो वडा

जब तुझे दिल से भुलाने की कसम खाई है, और पहले से भी जादा तेरी याद आई है, अब तो

मेरी बिगड़ी बना दे साई,मुझे पार लगदे साई, तू है राम रहीम साई तू है सबका करीमा साई, मेरी बिगड़ी

साई पे भरोसा करके तो देखो कर देगा सारी दूर भलाये, श्रद्धा से जब सिर तेरा झुकेगा बकश देगा वो

सोहना लाज पाल मेरा जांदा हाल वे, हर पल रखदा मेरा ओ ख्याल वे, लगी है प्रीत तेरे नाल मेरी