
ओ साई मेरे आन पड़ा दर तेरे
ओ साई मेरे आन पड़ा दर तेरे, तुझ बिन काटे कौन ओ साई, मेरे दुखो के गेरे, ओ साई मेरे

ओ साई मेरे आन पड़ा दर तेरे, तुझ बिन काटे कौन ओ साई, मेरे दुखो के गेरे, ओ साई मेरे

देखो देखो उजाले की पहली किरण, देखो धरती पे उतरा है साई गगन, सारे चेहरों में इक ताजगी आ गई,

ओह्दी फोटो वाली माला गल पाके, ओहदे नाम वाली जोत जगा के, लोको मैं फ़कीर साई दा, मैं हो गया

मैं क्या जानू भक्ति क्या है मैंने तो प्रेम किया है, औ साई मैंने तुमको दिल से याद किया है,

मोहबत मसीहा कर्म करने वाले, करदे कर्म तू बाबा ओ साई शिरडी वाले, साई शिरडी वाले, तेरे दरबार में जो

साई के उजालो मेरे साई के उजालो, आखो में सिमट आउ अंधरों को निकालो, साई के उजालो मेरे साई के

सब का मालिक एक है ये कहते तुम साई, मेरे मालिक तुम ही हो दिल में तुम्ही साई, सब का

साईं से जा के मांग ले सच्चा हजूर है, खाली नही लौटाएगा किस्सा मशहुर है, भूखा किसी को साईं रखता

चलो रे शिरडी में है पावन धाम साई ने सबको भुलाया है, सारे बिगड़े बनालो काम साई ने सबको भुलाया

साई नाम की जपले माला रे, बन जा तू भी किस्मत वाला रे ॥ साई नाथ को गायेजा मन का