
साई एक तेरा सहारा
साई एक तेरा सहारा के तुम बिन कौन हमारा, भवर में मेरी नैया बड़ा ही दूर किनारा, साई एक तेरा

साई एक तेरा सहारा के तुम बिन कौन हमारा, भवर में मेरी नैया बड़ा ही दूर किनारा, साई एक तेरा

लो बलियाँ में साईं बार बार, साई मेरी बाह फड़ ले, जो न तूने सहारा दिया तो एसा ना हो

किरपा मेरे साई की मुझपर अब कुछ भी नहीं होना, शिरडी वाले से रोशन है मन का कोना कोना, सोहना

जब भी मुझको याद करो गये मैं आउगा, शिरडी की समादि में मेरे प्राण वसे है, क्या यश शरीर चला

चरणों में अपने रहने दे मुझको, येही तमना मेरी है, दुनिया ने ठुकराया मुझको तेरी शरण में आया हु, अब

किसी की नया का माझी बन जाती है, किसी के जीवन का साथी बन जाता है, जो प्यार करता है

गुरु मात पिता गुरु बंधू सखा, तेरे चरणों में स्वामी मेरा कोटि परनाम, प्रीतम हो तुम्ही प्राण नाथ तुम्ही, तेरे

साई की मन भावनी मूरत मन में है समाई, साई धुन की एक अजीब दीवानगी सी छाई, मैं हुआ दीवाना

साई तेरी शिरडी मुझे रोज भुलाती है, मुझे रोज भुलाती है तेरा दर्श कराती है, जब शिरडी आता हु इस

हमारे नाम की चिठ्ठी तुझे पहुंची नहीं है क्या, किसी ने भी खबर तुझको हमारी दी नहीं है क्या, यही