
सब कुछ मिला है न कोई गिला है
सब कुछ मिला है न कोई गिला है, मेहरबानियों का तेरी ये सिलसिला है, सब कुछ मिला है न कोई

सब कुछ मिला है न कोई गिला है, मेहरबानियों का तेरी ये सिलसिला है, सब कुछ मिला है न कोई

लाल लंगोटे वाला हाथ में सोटे वाला, बजरंगी बड़ा ही कमाल प्यारा प्यारा अंजनी का लाल, सीता का पता लगया

मैं पागल सा हो ग्या रे बाबा ओ तेरे प्यार में मन्ने दर्शन दे दे एक बार आ जा दरबार

बाला जी दरबार पे भरोसा होना चाइये, बाला जी पे पूरा इतवार होना चाहिए, नियम बना ले मंगलवर शनिवार का

जाकी गति है हनुमान की । ताके मन मह बसत हैं, श्री राम लखन अरु जानकी ॥ 1. हनुमत कृपा

लाल देह और लाल है चोला मुखड़ा भोला भाला ऐसे बजरंग बाला होs मां अंजनी का लाला, शीश मुकुट है

आओ बालाजी आओ बालाजी दर्शन को प्यासे हैं नैना दर्श दिखाओ जी आओ बालाजी आओ बालाजी …………. निशदिन गुणगान करूँ

मेरे बालाजी महाराज तेरी महिमा जग में गूंज रही मेरे मेहंदीपुर सरकार तेरी डंका जग में बाजे तेरी महिमा जग

पर्वत लेकर लौट रहे थे, मिल गयी अंजनी मात हनुमत नै माता को, बता दिए हालात मेघनाथ नै शक्ति मारी,

मेहंदीपुर दरबार निराला जहां बैठे हैं बजरंग बाला संकट क्षण में दूर भगाते अंजनी मैय्या जी के लाला शरण जो