
मैं तो साईं की दीवानी
मैं तो साईं की दीवानी लोग मुझे कहते वावरी, नाम की हो गई मतवाली लोगो मुझे कहते वावरी, दुनिया की

मैं तो साईं की दीवानी लोग मुझे कहते वावरी, नाम की हो गई मतवाली लोगो मुझे कहते वावरी, दुनिया की

हमें भी न पाओगे तुम नही आओगे, बोलो न श्याम मेरे तुम कब आओ गे जाने से पेहले कर लो

मैं भूल गई री दादी घर से माँ मैं आती थारे नाम की बुली चुन्दडी थारे मंगल पाठ मैं आती,

होली खेलूँगी नंदलाल म्हाने ल्यादे ने पिचकारी म्हाने ने पिचकारी म्हाने ल्यादे रंग पिचकारी होली खेलूँगी नंदलाल म्हाने ल्यादे ने

तेरे ही भरोसे नैया छोड़ी रे कन्हैया अब देर न कर नैया पड़ी है भवर मेरे सांवरिया सांवरिया तेरे ही

श्याम तेरी सोहनी बांसुरी मेरे मन को भाई है, वारी जावां कारीगर तो, जिन बांसुरी बनाई है, मथुरा में जन्म

संवारिये का प्रेमी बन जा मौज ही मौज उड़ाएगा, जब चाहे गा घर में तेरे बाबा डोरा आएगा, संवारिये का

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना जीना हो सिर उठा के शरण में इनकी आना विश्वाश दिल से करले हर

लीले घोड़े रा असवार करां थारी मनवार बाबा म्हारे घरां आवो जी आवो न बाबा,म्हारे घरां आवो जी काना में

तेरे दर्शन को तरसे ये नैना हमारे है, तुमसे ही मेरी खुशिया तुम से ही बाहारे है, जीवन की ख़ुशी