
शिव की रात शिव रात्रि
शिव की रात आई शिव रात आई शिव की रात शिव रात्रि, धरती झूमे अम्बर झूमे झूमे दिन और रात

शिव की रात आई शिव रात आई शिव की रात शिव रात्रि, धरती झूमे अम्बर झूमे झूमे दिन और रात

आये दर्शन को हम भी तुम्हारे तुम ही हो भोले बाबा हमारे, जाके बैठे हो ऊंची पहाड़ियां कितनी सूंदर बनाये

चल चल रे कावड़ियाँ भर भर के गगरियाँ, बाबा रत्नेश्वर के धाम, गंगा जल से नेहलायेगे बन जायेगे बिगड़े काम,

हो तेरी जय हो डमरू वाले, तेरी जय हो डमरू वाले, जग के तुम रखवाले , तेरी जय हो डमरू

मेरे भोले को, चढ़ गई भांग, भोला नाचे रे, और डम डम डंमरू वाजे, कि भोला नाचे रे, *बम नाचे,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय शिव रात्रि त्यौंहार आ गया शिव रात्रि त्यौंहार शिव की मंगलमय भक्ति का

सारे मंदिर च बज्दे ढोल भोले तेरी शिवरात्रि, बम भोले दे जैकारे रहे बोल बोले तेरी शिवरात्रि, सारे मंदिर ते

अरे नाग गले में डाले चंदा माथे पे यु सजाये है, बसम बभूति लगा के वो तो नंदी पे बैठे

डमरूवाला बड़ा दिलवाला डमरू वाला है जग रखवाला, पेहने सर्पो की माला, पीते जेहर का प्याला, ये तो भूतो के

मेरे शिव शंकर जी आये है आज नचना ही पैना, प्रेम रंग बरसाए है आज नचना ही पैना, माँ गोरा