
बम बम बोल के तू तर जाएगा
बम बम बोल के तू तर जाएगा शंकर शम्भु बोल के तू तर जाएगा बम बम बोल के तू तर

बम बम बोल के तू तर जाएगा शंकर शम्भु बोल के तू तर जाएगा बम बम बोल के तू तर

मेरे शिव डमरू वाले,हमें चरणों से लगाले पड़ी मझधार में नैया भोले उसे पार लगादे रहे बनके सेवादार हमकांधे पे

क्यों कर रिहा से तू रोले मैं तेरी दासी सु भोले तेरे संग व्याह करवाना से श्री शम्भू नाथ जी

लाये डाक कावड भोले हरिद्वार से, सारे जग में भोले की सरकार से छम छम नाचे कवाडिया बन के भोला

कालो के भी काल के हम भक्त है महाकाल के, भारत देश है हम को प्यारा रखेगे सम्बाल के हम

हरी द्वार की याद सतावे भोले कद सी बुलावे गा, शिव शंकर केलाश पति कद नील कंठ पे आवे गा,

शंकरा मेरे शंकरा……. डमक डम डमरू बाजे हो मेरा भोला नाचे सावन में घिर घिर आई घटाएं खोल दी भोले

भंग का पिए प्याला ओ मीठा माहदेव शंकर गले में है सर्प माला ओह मीठा महादेव शंकर, करते है नंदी

गले नाग लिपट रहे काले, मैं जीयु कैसे डर डर के ओ मेरे भोले, ये नाग किसी से नही लड़

भजा दे डमरू फिर भजा दे, ओह भोले धमक उठा दे पिके थोड़ी भंग तू आजा मेरे संग तू ठुमका