
धीरा धीरा नाच म्हारा नाडियॉ
आगणियॉ म खाडा पड जावगा, धीरा धीरा नाच म्हारा नाडियॉ, यू मत जाने गौरा आवगॉ बराती, भुत डॉकनियॉ ने संग

आगणियॉ म खाडा पड जावगा, धीरा धीरा नाच म्हारा नाडियॉ, यू मत जाने गौरा आवगॉ बराती, भुत डॉकनियॉ ने संग

तेरे रखवाले महाकाल काल से क्या डरना, क्या डरना डरना काल से क्या डरना, शिव काल की बदले चाल काल

शिव शिव बोल मनवा शिव शिव बोल रे, शिव शंकर हरी महादेव बोल रे….. क्यों विषयों में मन है लगाया,

हम तो तेरे दरबार के दरबारी हो गए, भोले तेरे नाम के पुजारी हो गए, ये कीर्तन और तेरे भजन

भोले शंकर की शरण में आ, जीवन तेरा ये संवर जायेगा, भव सागर में जो अटकेगा, वो बेडा पार उतर

भोला भांग तुम्हारी मैं घोटत घोटत हारी, हमसे ना घोटी जाए तेरी एक दीना की होए तो घोटु रोज ना

आता रहु गाता रहु मेरे बाबा तुझको रिजाता रहु, दिलकी तमाना है येही मेरी मैं देखु तुझे मुस्कुराता राहु, आता

आज सोमवार है शिवाले जाएंगे, ॐ नमः शिवाये हम गाते जाएंगे, धुप दीप भंग आक धतूरा चांदी थाल सजाके, गंगा

तु राजा की राज दुलारी में सर्फ लगोटे आला सु, भांग रगड के पिआ करू में कुण्डी सौटै आला सु,

ले भोले का नाम काहे दर दर भटके, पायेगा आराम काहे दर दर भटके, विष पी कर जो अमृत भानटे,