
सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में
दोहा: सद्गुरु जिन का नाम है, मन के भीतर धाम है ऐसे दीनदयाल को मेरा बार बार

दोहा: सद्गुरु जिन का नाम है, मन के भीतर धाम है ऐसे दीनदयाल को मेरा बार बार

बन्दे ओ बन्दे रे छोड़ सारे धंधे नाता गुरु से जोड़ लें हो हो हो तेरी मेरी मेरी तेरी ना

तुहाडा शुक्र करा मैं गुरु जी तुहाडा शुक्र करा , तुसा लगाइया तोड़ निभाइयाँ मैं शुकर करा, तुहाडा शुक्र करा

Refrain: ए लाख लाख वंदन तमने, कोटि कोटि वंदन गुरु गम का सागर तमने, लाख लाख वंदन Verses: हाँ, अज्ञान

गुरां दी प्रीत सारे जग नालों मीठी है उन्हा नू की पता जिन्हा ला के न डीठि है । गुरां

मेरे गुरु महाराज दी किरपा बड़ी, मेरी राखियां किती हर घडी, मैनु अपना सेवक बना लिया, राह डिगे नु आप

संत परम हितकारी, जगत माहि संत परम हितकारी | प्रभु पद प्रगट करावे प्रीती, भरम मिटावे भारी | परम कृपालु

मेरे राम राये,तू संत का,संत तेरे, तेरे सेवक को भो कीशु नाही जम नही आवे नेड़े, मेरे राम राये,तू संत

सजा दो घर को मंदिर सा गुरु भगवन आये है पखारो इनके चरणों को बहा कर प्रेम की गंगा, निहारो

गुरुवार आप की ही किरपा से मेरा परिवार है, बेसहारो का सहारा तेरा दरबार है, गुरुवार आप की ही किरपा