
मैया देया मंदिरा ते मेला लगेया
मैया देया मंदिरा ते मेला लगेया, चल हुन चल चल हुन चल चलिये, जाके अम्बे माई दा दवारा मलिये, मैया

मैया देया मंदिरा ते मेला लगेया, चल हुन चल चल हुन चल चलिये, जाके अम्बे माई दा दवारा मलिये, मैया

छु छा छारा रारा हॉवे भवना दे विच, जय माता दी जय अम्बे दी हॉवे गड्डी दे विच, पहली गडी

माँ आंबे मेरी मात भवानी, हे दुर्गे माँ जग कल्याणी, सुन लो मेरी पुकार मेरी माँ आया मैं तेरे द्वार,

कैसे कह दू मइया तेरा उपकार नही, कैसे कह दू तुमको माँ हमसे प्यार नही, मैं ये कैसे कह दू

सोने रंगे मंदिरा दे विच वसदी है जह्नु कहन्दे ने चिंतपूर्णी माँ, सब दी चिंता ओह दूर करदी है करे

भक्त जनों कि आस कि भक्तो के विश्वाश की, चोदाहा दिन तेरा भोजन करके श्रधा और विश्वाश की लाज रखो,

मात शारदा उर बसों, धरकर सम्यक रूप, सत्य सृजन करता रहूं, लेकर भाव अनूप, सरस्वती के नाम से, कलुष भाव

शनि देव की जय हो जय हो शनि देव की, किरपा जो उनकी हो जाये तो सब कष्टों का शह

ये है शनि कथा मेरे भाई मेरे वन्धु हो सुनो राजा, करो शनि देव की घर में पूजा , जय

आज शनिवार है शनि देव का वार है, पावन दिन है आज जय जय शनि देव महाराज रखलो भगतन की