
मैया आ जाना
आजा जाना ओ माँ आना जाना ओ माँ, कभी फुर्सत हो तो आ जाना मियाँ आ जाना, निर्धन के घर

आजा जाना ओ माँ आना जाना ओ माँ, कभी फुर्सत हो तो आ जाना मियाँ आ जाना, निर्धन के घर

हम सब गातें हैं तेरी वदंना, शिव के लाल गणेशा। मेरे अंग संग रहना हमेशा, हम सब गातें हैं तेरी

मोरे अंगना गजानन आए री, आप भी आए संग रिद्धि सिद्धि लाए, सोए भाग जगाए री, मोरे अंगना गजानन आए

सबसे पहले गणपत पूजे कह के जय जय श्री गणेश, लड्डू का जब भोग लगे गा विघन विनाशक कष्ट हरेगा,

अरे लेके गणेश को कहा जावे, कहा जावे गोरा कहा जावे, सुन भोले पीहर जाऊगी कभी लौट के मैं न

प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् । भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयुःकामार्थसिद्धये ॥ १॥ प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् । तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं

पूजा करां मैं गौरां दे लाल दी रभी रूप कोई अवतार दी, गणपति जी गणेश कटो सब दे कलेश, ताहियो

रिद्धि सीधी के दाता माँ गोरी के ललना, आओ आओ श्री गणेश पधारो मोरे अंगना, भांति भांति के फूल मंगवा

मूषक पर देवा बैठे जय गणराजा जय गणराजा, सजधज के देवा आते जय गणराजा जय गणराजा, भक्तो की टोली नाचे

भक्ति से सिर झुका दे मिट जाये विघन भादा, तेरी जिंदगी में खुशिया भर देंगे विधनहरता, तू सोच ले गणपति