
मेरी मैया जी को बहुत पसंद है
मेरी मैया जी को बहुत पसंद है, सितारों वाली चुनरिया, सिंह पर सवार मैया दुनिया पर राज करें, बेटा जो

मेरी मैया जी को बहुत पसंद है, सितारों वाली चुनरिया, सिंह पर सवार मैया दुनिया पर राज करें, बेटा जो

नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण ताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी है यह माला, तुझे ए लंकापति बतलाऊं

राम भक्त ले चला रे राम की निशानी, प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि सादर भारत शीश धरी लीन्ही राम भक्त

नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो चरन हो राघव के, जहा मेरा ठिकाना हो। नगरी हो अयोध्या सी,

मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम द्वार तिहारे आन पड़ा हूं मेरी खबरीआ ले लो राम

गली गली ढूंढा, वन वन ढूंढा, कहा कहा ढूंढा राम, सब जग ढूंढा मैंने, मन नहीं ढूंढा, जहा मिला मेरा

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग़ में वो खड़ी की खड़ी रह गयी । राम देखे सिया को

के काम होगा वही जिसे चाहोगे राम, अपने स्वामी को सेवक क्या समजाये गा सागर में तैर रही पत्थर ये

नोट चाहिये किसी को वोट चाहिये, मुझको श्री राम का सपोर्ट चाहिये श्री राम भक्त बने बजरंग बलि, जय बजरंग

वे मैं सदके ललारीया जावा चुनी नु रंग देन वालिया जींद तेरे चरना विच लावा चुनी नु रंग देन वालिया